इसरो ने बेंगलुरु की इलेक्ट्रो ऑप्टिक्स प्रणाली प्रयोगशाला में चंद्रमा के वैज्ञानिक अन्वेषण पर राष्ट्रीय बैठक शुरू की। 28 से 30 सितंबर के लिए आयोजित कार्यक्रम में 150 पंजीकृत प्रतिभागियों में से 75 शिक्षण संस्थानों से थे। कुल भागीदारी में 36 विद्यार्थी भी शामिल थे।
बैठक में चंद्रयान के पहले तीन अभियानों से मिले वैज्ञानिक परिणाम और उनके अनुभव चर्चा के विषय रहे। इसरो ने 45 से अधिक संस्थानों की भागीदारी की जानकारी दी। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को चंद्र अनुसंधान से जुड़े विचार सामने रखने का अवसर भी दिया गया।
आगे की योजनाओं में चंद्रयान-4 के जरिए नमूने वापस लाना और जापान की जाक्सा के साथ चंद्रयान-5 या लूपेक्स अभियान शामिल हैं। चंद्रमा के ध्रुवीय क्षेत्रों में वाष्पशील पदार्थों की खोज इन प्रस्तावित अभियानों के प्रमुख वैज्ञानिक उद्देश्यों में है।
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