विश्व हाइड्रोजन और ईंधन सेल दिवस पर नई दिल्ली में आयोजित कार्यक्रम में हाइड्रोजन की सुरक्षा और मानकों पर चर्चा हुई। नवीन और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय के अनुसार, इसमें सौ से अधिक सरकारी अधिकारी, उद्योग प्रतिनिधि, शोधकर्ता और विशेषज्ञ शामिल हुए। बैठक अटल अक्षय ऊर्जा भवन में हुई।
दो परिचर्चाओं में उत्पादन, भंडारण, परिवहन और इस्तेमाल के लिए स्पष्ट मानकों की जरूरत पर बात हुई। भारतीय मानक ब्यूरो और अन्य नियामक तथा तकनीकी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बेहतर परीक्षण, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और संस्थाओं के बीच समन्वय को महत्वपूर्ण बताया गया।
कार्यक्रम में भारत के हाइड्रोजन मानकों की कमियों और संभावित कदमों पर रिपोर्ट भी जारी की गई। राष्ट्रीय हरित हाइड्रोजन मिशन ने 2030 तक सालाना 50 लाख मीट्रिक टन उत्पादन क्षमता का लक्ष्य रखा है। बैठक इसी क्षेत्र के लिए आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा ढाँचे पर केंद्रित रही।
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