इसरो ने एलवीएम3-एम7 अभियान के लिए तैयार सीई-20 क्रायोजेनिक इंजन का उड़ान स्वीकृति परीक्षण सफल होने की जानकारी दी है। परीक्षण 9 सितंबर को महेंद्रगिरि स्थित इसरो प्रणोदन परिसर में हुआ। संस्था के अनुसार, इंजन ने 22 टन के प्रणोद स्तर पर निर्धारित लक्ष्य पूरे किए।
परीक्षण में नोजल सुरक्षा प्रणाली का इस्तेमाल किया गया, जो समुद्र तल जैसी परिस्थितियों में जाँच को संभव बनाती है। गगनयान के सी32 चरण के लिए तरल ऑक्सीजन टैंक में दबाव बनाए रखने वाले मॉड्यूल का प्रदर्शन भी सफल रहा। ऐसी जाँच उड़ान से पहले इंजन का आकलन करती है।
अगला चरण इंजन को आवश्यक तैयारी के बाद सी32 चरण में जोड़ना है। इसरो के सितंबर के वक्तव्य में मिशन 2026 की अंतिम तिमाही के लिए निर्धारित बताया गया था। हर उड़ान के लिए क्रायोजेनिक इंजन का ऐसा स्वीकृति परीक्षण किया जाता है।
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