भारतीय शोधकर्ताओं ने जिंक-एयर बैटरी के लिए एक धातुरहित छिद्रयुक्त पदार्थ तैयार किया है। विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अनुसार, इसमें कोलकाता के एसएन बोस केंद्र, मोहाली के नैनो विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान और अमरावती के एसआरएम विश्वविद्यालय के वैज्ञानिक शामिल रहे। शोध साइंस एडवांसेज में प्रकाशित हुआ है।
टीटीटी-डीएचटीडी नामक पदार्थ में कार्बन, सल्फर, नाइट्रोजन और हाइड्रोजन शामिल हैं। इसे बैटरी के वायु इलेक्ट्रोड में उत्प्रेरक के रूप में जाँचा गया। विभाग ने बताया कि प्रयोगशाला परीक्षण में इसका प्रदर्शन व्यावसायिक प्लेटिनम उत्प्रेरक के लगभग 96 प्रतिशत स्तर तक पहुँचा।
परीक्षण के दौरान पदार्थ ने 120 घंटे तक स्थिरता दिखाई। नतीजे बैटरी अनुसंधान के लिए उपयोगी दिशा सुझाते हैं। फिलहाल यह प्रयोगशाला स्तर का शोध है, जिसमें धातु का इस्तेमाल किए बिना उत्प्रेरक के प्रदर्शन और टिकाऊपन की जाँच की गई है।
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