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नए रडार अनुसंधान केंद्र से मौसम अध्ययन को मिलेगी जगह

इसरो की प्रस्तावित सुविधा में वायुमंडल और अंतरिक्ष के मौसम पर प्रयोग किए जा सकेंगे।

संपादकीय चित्रांकन; यह घटना की तस्वीर नहीं है।

इसरो का टेलीमेट्री, ट्रैकिंग और कमांड नेटवर्क उन्नत रडार अनुसंधान सुविधा स्थापित कर रहा है। संस्था ने बताया कि इसका उद्देश्य अगली पीढ़ी के रडार विकसित करना तथा आयनमंडल और वायुमंडल के व्यवहार का अध्ययन करना है। बादलों और अंतरिक्ष के मौसम से जुड़े प्रयोग भी इसके दायरे में आएँगे।

इसरो के मुताबिक, शोध का उपयोग कम अवधि के मौसम आकलन और बाढ़ या बिजली गिरने जैसी घटनाओं की निगरानी में किया जा सकता है। विमानन और कृषि से संबंधित जरूरतें भी अनुसंधान की संभावित दिशाओं में शामिल हैं।

सुविधा को विश्वविद्यालयों, विद्यार्थियों, उद्योग और स्टार्टअप के लिए साझा मंच बनाने की योजना है। यहाँ प्रयोगों के साथ वैज्ञानिक मॉडलों की जाँच हो सकेगी। अतिरिक्त रडार लगाने के लिए सरकारी अनुमतियाँ जरूरी होंगी।

मूल स्रोतइसरो ↗

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