एफटीआईआई और राष्ट्रीय फिल्म अभिलेखागार ने पुणे में चलती छवियों के संरक्षण पर कार्यशाला का दूसरा संस्करण शुरू किया है। पाँच से पंद्रह अक्टूबर तक निर्धारित कार्यक्रम में देश भर के 26 प्रतिभागी शामिल हैं। प्रशिक्षण अभिलेखागार परिसर में आयोजित किया जा रहा है।
पाठ्यक्रम में फिल्म सामग्री की पहचान, नुकसान रोकने के उपाय, मेटाडेटा, डिजिटल संरक्षण और चित्र तथा ध्वनि की बहाली शामिल हैं। प्रतिभागियों को अलग-अलग संग्रहों की कार्यप्रणाली समझने के लिए संस्थागत भ्रमण भी कराए जाने हैं। इनमें भांडारकर प्राच्य शोध संस्थान और रिजर्व बैंक का अभिलेखागार शामिल हैं।
कार्यक्रम के दौरान संरक्षित और बहाल फिल्मों के प्रदर्शन भी होंगे। समापन पर श्रीराम राघवन की एफटीआईआई डिप्लोमा फिल्म एट कॉलम अफेयर के बहाल संस्करण की स्क्रीनिंग और सवाल-जवाब सत्र प्रस्तावित है। आयोजन का उद्देश्य संरक्षण के वैज्ञानिक और संस्थागत पहलुओं को साथ समझाना है।
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