केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छोटे और मझोले उद्यमों में सीधे इक्विटी निवेश के लिए एसएमई ग्रोथ फंड की स्थापना संबंधी प्रस्ताव मंजूर किया है। सरकार इस ढाँचे के तहत बनने वाले वैकल्पिक निवेश कोष के लिए कुल 10,000 करोड़ रुपये की प्रतिबद्धता देगी। घोषणा छह अक्टूबर को की गई।
सरकार के अनुसार, इसका उद्देश्य उन उद्यमों तक दीर्घकालिक पूँजी पहुँचाना है जिनके कारोबार में विस्तार की क्षमता है। तकनीक अपनाने, उत्पादन क्षमता बढ़ाने और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में पहुँच बनाने जैसी जरूरतें इसके केंद्र में हैं। कोष का अधिकांश आवंटन विनिर्माण से जुड़े उद्यमों की ओर होगा।
छोटे और मझोले शहरों के औद्योगिक समूहों में काम करने वाले उद्यमों पर भी विचार किया जाएगा। सरकार को उम्मीद है कि दीर्घकालिक पूँजी मिलने से उत्पादन, तकनीक और निर्यात में निवेश बढ़ेगा। कोष बढ़ते कारोबारों की इन्हीं जरूरतों पर केंद्रित रहेगा।
सार्वजनिक स्रोतों पर आधारित, अपने शब्दों में लिखा समाचार सार। पूरी जानकारी के लिए मूल रिपोर्ट पढ़ें।